जय जय जय गिरिराज किसोरी..( कंठ : अश्विनी भिडे देशपांडे )

शैलपुत्री
ई पोस्ट ड्राफ्ट कैके धरे रहेन, नौरातम के पहिले दिन खातिर। वहि दिन नेट से दूर रहि गा रहेन, यहिलिये आज ओके करत अहन। सबका नव संवत्सर बरस २०६८ अउर नौरातम पै ढेरन सुभकामना !!
“ जय जय जय गिरिराज किसोरी।
जय महेस मुख चंद चकोरी॥
जय गजबदन षडानन माता।
जगत जननि दामिनि दुति गाता॥
नहिं तव आदि मध्य अवसाना।
अमित प्रभाउ बेदु नहिं जाना॥
भव भव बिभव पराभव कारिनि।
बिस्व बिमोहनि स्वबस बिहारिनि॥ ”
[ ~ तुलसीदास ] 
अब इन पँक्तियन का गायिका अश्विनी भिडे देशपापांडे के कंठ से सुना जाय:
[youtube http://www.youtube.com/watch?v=3dQBbgnsowU?rel=0&w=420&h=345]
सादर;
अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी

One thought on “जय जय जय गिरिराज किसोरी..( कंठ : अश्विनी भिडे देशपांडे )

  • April 10, 2011 at 9:10 am
    Permalink

    जय महेस मुख चंद चकोरी॥
    जय गजबदन षडानन माता।
    जगत जननि दामिनि दुति गाता….आआआआअ माजा आगेय भाई जी …वाह बहुत बहुत सुन्दर सुन्दर….आआआआआआआआआआ वाह !!!!!!!
    जय जय जय गिरिराज किसोरी….आआआआआआआआआआआआअ …जय जय ..वाह मजा आत्मा को छु गया जी …धन्यवाद दिल से निर्मल पनेरी

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