सबका होली कै सुभकामना !! .. “ दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ……. ” ( कंठ : पं. छन्नू लाल मिसिर )

फोटू गिरिजेस जी के बिलाग से..

बसे पहिले तौ सबका होली कै सुभकामना !! यहि मौके पै सुना जाय पं. छन्नू लाल मिसिर कै गावा ई गीत :
दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ..
खेलैं मसाने में होरी
.. दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ..
भूत पिसाच बटोरी ..
.. दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ..
लखि सुन्दर फागुन छ्टा के
मन से रंग गुलाल हटा के
चिता भस्म भरि झोरी ..
.. दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ..
गोप न गोपी स्याम न राधा
न कोई रोक न कौनौ बाधा
न साजन न गोरी ..
.. दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ..
नाचत गावत डमरू धारी
छोड़ै सर्प गरल पिचकारी
पीटैं प्रेत थपोरी ..
.. दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ..
भूतनाथ की मंगल होरी
देखि सिहाँय बिरिज कै छोरी
धन धन नाथ अघोरी ..
.. दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ..

अब सुना जाय यहि गीत कै यू-टुबही प्रस्तुति:

[youtube http://www.youtube.com/watch?v=b-QOC8jSEhc?rel=0]

सादर;

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी 

13 thoughts on “सबका होली कै सुभकामना !! .. “ दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी ……. ” ( कंठ : पं. छन्नू लाल मिसिर )

  • March 19, 2011 at 12:27 pm
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    भूल जा झूठी दुनियादारी के रंग….
    होली की रंगीन मस्ती, दारू, भंग के संग…
    ऐसी बरसे की वो 'बाबा' भी रह जाए दंग..

    होली की शुभकामनाएं.

    Reply
  • March 19, 2011 at 12:35 pm
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    रंगों के पावन पर्व होली के शुभ अवसर पर आपको और आपके परिवारजनों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई …

    Reply
  • March 19, 2011 at 3:16 pm
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    भूतनाथ की मंगल होरी
    देखि सिहाँय बिरिज कै छोरी
    धन धन नाथ अघोरी ..
    .. दिगम्बर खेलैं मसाने में होरी .वाह वाह …..बहुत मजा अविगया सर जी …..होली को शिव भोले (दिगम्बर )के साथ होली खेलन का ….में शिव माय हुआ ..इसका पूरा श्री आप को ..में आज भाव विभोर हुआ ………वाह बहुत खूब सर जी !!!!रिश्तों की पवित्रता ईश्वर के समान हो गई जी !!!!!Nirmal Paneri

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  • March 19, 2011 at 3:22 pm
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    Amrendra ji jis desh me desh ki baagdor sambhalne wale 1000 ke note wale gadde par sote hai, sone ke biscut videshi bank me jama karne ke liye chhipa kr rakhte hai, videshi dhan paa kar apne desh ke sath gaddari karte hai, aise desh me holi kaha yaad rahegi.. fir bhi— masane ke hori ka maja bahutai romanchak hote hai babaji..aapko bhi school ke dino me kisi sathi ya sakhi ke sath masane me kheli gayi holi ki yaad kareje me teer ki tarah chubhat hoyi. kahe ki hum to hamesha apuna bachpan ke yaad kai ke neeras jeevan me rang barat ahi…muda aapke hamar vichar atpata lage to bura na manihao kahe ki holi hai…….

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  • March 20, 2011 at 3:32 am
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    बहुत सुन्दर रंगारंग होली प्रस्तुति
    आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं

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  • March 20, 2011 at 4:44 am
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    होली में चेहरा हुआ, नीला, पीला-लाल।
    श्यामल-गोरे गाल भी, हो गये लालम-लाल।१।

    महके-चहके अंग हैं, उलझे-उलझे बाल।
    होली के त्यौहार पर, बहकी-बहकी चाल।२।

    हुलियारे करतें फिरें, चारों ओर धमाल।
    होली के इस दिवस पर, हो न कोई बबाल।३।

    कीचड़-कालिख छोड़कर, खेलो रंग-गुलाल।
    टेसू से महका हुआ, रंग बसन्ती डाल।४।

    रंगों के पर्व होली की सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

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  • March 20, 2011 at 5:00 am
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    रंगों की चलाई है हमने पिचकारी
    रहे ने कोई झोली खाली
    हमने हर झोली रंगने की
    आज है कसम खाली

    होली की रंग भरी शुभकामनाएँ

    Reply
  • March 21, 2011 at 6:18 am
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    छन्नू लाल मिश्र का गाया यह मेरे मोबाइल में स्टोर है और दो दिन से इसे ही घिसे जा रहे हैं – दिगम्बर की होली!

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  • March 21, 2011 at 2:37 pm
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    केतना शाश्वत केतना अनुपम, पर:ब्रम्ह: की होरी… बहुत बहुत शुभकामनाएं अमरेन्द्र जी. प्रति वर्ष पं.छन्नू मिसिर जी को सुनते आ रहे हैं, आपने सही मौके पर यहाँ सुना कर कृतार्थ किया.

    Reply
  • March 26, 2011 at 11:58 am
    Permalink

    फेसबुक पै आयी यक टीप:

    D.k. Bajpai >> अमरेन्द्र जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद… आपै के द्वारा हम पहिली दईं मिसिर जी का एतना मधुर गीत सुनेन… वास्तव मा आनंद आय गवा… धन्य हो मिसिर जी धन्य हो… गीत के बोल अऊर सुर दून्हो भाव विभोर करि दिहिन… पुनह धन्यवाद अउर होरी कै बधाई…

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